नैनीताल/ हल्द्वानी।मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से छूट गया है, तो अब उसे अपना नाम जुड़वाने के लिए निर्वाचन कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। निर्वाचन विभाग ने ऐसे लोगों तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर नैनीताल जिले में 08 से 10 अक्टूबर 2026 तक प्रत्येक मतदान केंद्र पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में बीएलओ, बीएजी सदस्य और बीएलए-2 वर्तमान मतदाता सूची का पिछली सूची से मिलान करेंगे और उन पात्र मतदाताओं को चिन्हित करेंगे, जिनके नाम किसी कारण से सूची में दर्ज नहीं हो पाए हैं।
इसके बाद 12 से 20 अक्टूबर तक बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। अधिकारी यह जांच करेंगे कि संबंधित व्यक्ति वास्तव में उस पते पर निवास करता है या नहीं और उसका नाम मतदाता सूची से बाहर रहने की वास्तविक वजह क्या है।
यदि सत्यापन में व्यक्ति पात्र मतदाता पाया जाता है और उसका नाम गलती से छूट गया है, तो फॉर्म-6 के माध्यम से मौके पर ही नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जरूरत के अनुसार संबंधित दस्तावेज भी लिए जाएंगे। इसके साथ ही पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और अन्य पात्र नागरिकों को भी मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
6.97 लाख से अधिक मतदाता दर्ज
जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार 03 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में नैनीताल जिले में कुल 6,97,547 मतदाता दर्ज हैं। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के साथ यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रहे।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बीएलए से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची सिर्फ नामों की सूची नहीं, बल्कि हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकार की पहचान है। इसलिए पात्र लोगों का नाम सूची में जोड़ना और गलतियों को दूर करना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय, उप जिलाधिकारी नवाज़िश खलिक सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।







