हल्द्वानी
नैनीताल जनपद के पीपल पोखरा और पनियाली क्षेत्र में आदमखोर वन्यजीव के हमलों में दो महिलाओं की दर्दनाक मौत के बाद क्षेत्र में दहशत और जनाक्रोश का माहौल है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी नैनीताल ने त्वरित और सख्त कदम उठाते हुए रामनगर के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) को तत्काल प्रभाव से व्यापक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि आदमखोर वन्यजीव की निरंतर ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाए। इसके लिए ट्रैप कैमरा, ड्रोन और थर्मल इमेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग करते हुए विशेषज्ञों की मौजूदगी में ट्रेंकुलाइज या कैप्चर अभियान चलाया जाए। आवश्यकता पड़ने पर शूटर की तैनाती के लिए उच्च स्तर से अनुमति लेने के भी निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वन क्षेत्रों से सटे गांवों में दिन-रात गश्त, क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) की तैनाती, महिलाओं और स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए एस्कॉर्ट व्यवस्था अनिवार्य की गई है। साथ ही मुनादी के माध्यम से अलर्ट जारी करने, रात में अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगाने तथा भीड़ नियंत्रण के लिए राजस्व और पुलिस विभाग के साथ संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जिलाधिकारी ने पहली घटना के बाद की गई कार्रवाई की विस्तृत आख्या तलब की है और स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके अतिरिक्त राजस्व, पुलिस और वन विभाग का संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित कर प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने दीर्घकालिक समाधान के तहत सोलर फेंसिंग, चेतावनी तंत्र और स्थायी सुरक्षा उपायों की कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया है।




