गौला-कोसी-नंधौर में चुगान का रिकॉर्ड ब्रेक, खनन से भरा सरकार का खजाना..

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हल्द्वानी/नैनीताल –
जिले में खनन चुगान और उपखनिज निकासी के क्षेत्र में इस वर्ष ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। गौला, नंधौर और कोसी नदियों में जिला प्रशासन के सुनियोजित और पारदर्शी प्रयासों से पिछले पांच वर्षों के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए हैं। खनन से न केवल सरकार को बड़ा राजस्व प्राप्त हुआ है, बल्कि इससे जुड़े हजारों वाहन स्वामियों, चालकों और श्रमिकों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार भी मिला है।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप खनन चुगान की प्रक्रिया को समय पर शुरू कर नीतिगत और पारदर्शी तरीके से संचालन किया गया, जिसका सीधा परिणाम रिकॉर्डतोड़ निकासी के रूप में सामने आया है।

गौला नदी में सबसे बड़ा उछाल

वर्तमान वर्ष (अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026) में गौला नदी से 2.13 करोड़ टन उपखनिज की निकासी हुई, जो पिछले वर्षों की तुलना में अब तक का सर्वोच्च स्तर है।

इस अवधि में 2,22,664 वाहन चक्कर लगाए गए, जिससे न केवल राजस्व में वृद्धि हुई बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए।

नंधौर नदी में फिर लौटी रफ्तार

जहां वर्ष 2024-25 में नंधौर नदी से एक भी टन निकासी नहीं हो पाई थी, वहीं इस वर्ष प्रशासनिक प्रयासों से 26,824 वाहन चक्कर से 2.17 लाख टन उपखनिज की रिकॉर्ड निकासी दर्ज की गई।

कोसी नदी ने भी तोड़े पुराने आंकड़े

कोसी नदी में भी इस वर्ष
41,874 वाहन चक्कर से 5.01 लाख टन उपखनिज की निकासी हुई, जो बीते वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक है।

सुरक्षा और पर्यावरण पर भी जोर

जिला प्रशासन द्वारा खनन कार्य में लगे श्रमिकों को सुरक्षात्मक उपकरण, कंबल, और पानी छिड़काव जैसी व्यवस्थाएं तय समय पर सुनिश्चित की गईं। डीएम ललित मोहन रयाल ने बताया कि राज्य सरकार की पारदर्शी खनन नीति और समयबद्ध नीतिगत चुगान व्यवस्था के चलते ही यह सकारात्मक परिणाम संभव हो पाया है।

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