उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन के खिलाफ लक्सर कोतवाली में एस.सी./एस.टी.एक्ट की विभिन्न धाराओं में दर्ज मुकदमे को निरस्त करने और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधी याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद चैम्पियन के अधिवक्ता ने न्यायमूर्ती आलोक महरा की एकलपीठ से बिना आदेश केस वापस ले लिया।
आज हुई सुनवाई पर पीड़ित पक्षकार की तरफ से कहा गया कि पूर्व विधायक द्वारा उन्हें फोन पर जाति सूचक शब्दो का प्रयोग करके गालियां दी और जान से मारने की धमकी दी। इसका वीडियो वायरल भी हुआ था जिसकी ऑडियो प्रति पेन ड्राइव में उनके पास मौजूद है। उसे वे न्यायलय में पेश करना चाहते है। इनके खिलाफ सोलह से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।मामले में कोई आदेश होने से पहले चैंपियन की तरफ से मुकदमे को वापस ले लिया। चैम्पियन की तरफ से कहा गया कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं कहे और न ही कोई वीडियो वायरल हुआ। जो वीडियो वायरल हुआ वह उनका नहीं है।
आपको बता दें की वहादराबाद क्षेत्र के शांतरशाह निवासी जोगेंद्र कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 22 जून को वह अपने बहनोई संजीव कुमार के साथ एक शादी समारोह से लौट रहे थे। आरोप है कि जे.के.टायर फैक्ट्री के सामने एक वाहन ने उनकी कार को ओवरटेक करते हुए टक्कर मार दी। बाद में उन्हें जानकारी मिली कि वह वाहन पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन का था।अगले दिन शिकायतकर्ता के बहनोई के पास कोतवाली से फोन आया। इसी दौरान एक परिचित के मोबाइल से पूर्व विधायक से बातचीत हुई। आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान पूर्व विधायक ने गाली-गलौज की, जातिसूचक शब्द कहे और जान से मारने के साथ महिलाओं के साथ दुष्कर्म कराने की धमकी भी दी। शिकायतकर्ता ने पूर्व विधायक पर दबंगई और गुंडागर्दी करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई करने की मांग की।
दी गयी तहरीर के आधार पर लक्सर कोतवाली पुलिस ने संबंधित धाराओं में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर किया। इस मुकदमे को निरस्त करने और अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने को लेकर उनके द्वारा उच्च न्यायलय में याचिका दायर की।




