रुद्रपुर :
जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने किच्छा में निर्माणाधीन सेटेलाइट एम्स की प्रगति की समीक्षा की और धीमी रफ्तार पर गंभीर नाराज़गी जताई। उन्होंने सीपीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि काम में तेजी लाएं, क्योंकि यह परियोजना पूरे कुमाऊँ क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव लाने वाली है।
डीएम ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और एम्स का पूरा निर्माण कार्य मई 2026 की तय समयसीमा तक हर हाल में पूरा होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता रोजाना प्रगति की समीक्षा करें।
सहायक अभियंता को विशेष रूप से आदेश दिया गया कि वे प्रतिदिन SDM किच्छा को प्रगति रिपोर्ट भेजें, और हर मंगलवार को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि जमीन पर हो रहे काम की वास्तविक स्थिति सामने आती रहे।
समीक्षा बैठक में नर्सिंग हॉस्टल के धीमे निर्माण पर भी डीएम ने असंतोष जताया और तुरंत गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एम्स शुरू करने से पहले नर्सिंग हॉस्टल और अन्य सहायक भवन समय पर तैयार होना बेहद जरूरी है।
मुख्य भवन के निर्माण को लेकर डीएम भदौरिया ने सीपीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया कि मजदूरों की संख्या बढ़ाई जाए और काम को तीन शिफ्टों में चलाया जाए, जिससे निर्माण की गति तेज हो और प्रोजेक्ट तय समय पर पूरा हो सके।
अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए समन्वय, नियमित साइट निरीक्षण और समयबद्ध कार्यवाही को हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि किच्छा में बन रहा सेटेलाइट एम्स जनता को जल्द से जल्द अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान कर सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र, उपजिलाधिकारी गौरव पांडे, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता भरत सिंह डांगी, सीपीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजवेद, सहायक अभियंता राकेश पटेल तथा नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी के जीएम शंकर भोल्लू सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




