उत्तराखंड में कैबिनेट विस्तार के बाद नए मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास, पर्यावरण और जलागम प्रबंधन, मदन कौशिक को पंचायतीराज और आपदा प्रबंधन, प्रदीप बत्रा को परिवहन और आईटी, खजान दास को समाज कल्याण व भाषा, जबकि भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास और MSME जैसे विभाग सौंपे गए हैं।
इस फेरबदल में सिर्फ नए मंत्रियों को जिम्मेदारी देने तक सीमित बदलाव नहीं हुआ, बल्कि कई अहम विभाग पुराने मंत्रियों से लेकर नए चेहरों को दिए गए हैं। स्वास्थ्य जैसा बड़ा विभाग डॉ. धन सिंह रावत से लेकर अब सुबोध उनियाल को सौंपा गया है। इसके अलावा भाषा, ग्राम्य विकास और जलागम प्रबंधन जैसे विभागों में भी बदलाव किया गया है।
वहीं, जो विभाग पहले किसी मंत्री को आवंटित नहीं थे, वे मुख्यमंत्री के पास थे। अब उनमें से भी कई अहम विभाग नए मंत्रियों को दे दिए गए हैं, हालांकि गृह और वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग अब भी मुख्यमंत्री के पास ही रहेंगे।
खजान दास को समाज कल्याण और भाषा विभाग
खजान दास को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और भाषा विभाग सौंपे गए हैं। ये विभाग सीधे सामाजिक योजनाओं और शिक्षा से जुड़े हैं, जिससे उनकी जिम्मेदारी कमजोर वर्गों तक योजनाएं पहुंचाने की है।
भरत सिंह चौधरी के पास ग्रामीण विकास और उद्योग
भरत सिंह चौधरी को ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम (MSME) और खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग दिए गए हैं। इन विभागों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी उन्हें मिली है।
मदन कौशिक को पंचायत और आपदा प्रबंधन
मदन कौशिक के पास पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष एवं आयुष शिक्षा, पुनर्गठन और जनगणना विभाग हैं। ये विभाग सीधे प्रशासन और आपदा से जुड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रदीप बत्रा को परिवहन और IT सेक्टर
प्रदीप बत्रा को परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी एवं सुशासन, विज्ञान प्रौद्योगिकी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग दिए गए हैं। इन विभागों के जरिए टेक्नोलॉजी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े फैसलों की जिम्मेदारी उनके पास है।
राम सिंह कैड़ा को शहरी और पर्यावरण विभाग
राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन और जलागम प्रबंधन विभाग सौंपे गए हैं। इन विभागों के जरिए शहरों के विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े काम उनकी जिम्मेदारी में आते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास सबसे ज्यादा विभाग
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास मंत्रिपरिषद, कार्मिक एवं सतर्कता, सचिवालय प्रशासन, नियोजन, राज्य सम्पत्ति और सूचना जैसे प्रमुख विभाग हैं। इसके अलावा गृह, कारागार, नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड, सैनिक कल्याण और राजस्व भी उनके पास हैं।
साथ ही औद्योगिक विकास (खनन सहित), श्रम, पेयजल, ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा, आबकारी, न्याय, नागरिक उड्डयन, वित्त, वाणिज्य कर, स्टाम्प एवं निबंधन और आवास जैसे अहम विभाग भी मुख्यमंत्री के पास ही रखे गए हैं।
सतपाल महाराज के पास निर्माण और पर्यटन से जुड़े विभाग
सतपाल महाराज को लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण निर्माण, संस्कृति, धर्मस्व और पर्यटन की जिम्मेदारी दी गई है। इनके साथ ही भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजनाएं, सिंचाई और लघु सिंचाई भी उनके पास हैं। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग भी उन्हें सौंपा गया है।
गणेश जोशी के पास कृषि से जुड़े सभी प्रमुख विभाग
गणेश जोशी के पास कृषि, कृषि शिक्षा और कृषि विपणन जैसे मुख्य विभाग हैं। इसके साथ ही उद्यान एवं कृषि प्रसंस्करण, उद्यान एवं फलोद्योग और रेशम विकास भी उन्हें दिया गया है। सैनिक कल्याण विभाग भी उनके पास है, जिससे कृषि के साथ-साथ सैनिकों से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी उनके पास रहती है।
धन सिंह रावत संभाल रहे शिक्षा और स्वास्थ्य
डॉ. धन सिंह रावत को विद्यालयी शिक्षा (बेसिक और माध्यमिक), संस्कृत शिक्षा और उच्च शिक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा और सहकारिता भी उनके पास है। इस तरह राज्य में शिक्षा से जुड़े लगभग सभी बड़े विभाग उनके पास केंद्रित हैं।
सुबोध उनियाल के पास वन और स्वास्थ्य से जुड़े विभाग
सुबोध उनियाल को वन, निर्वाचन, विधायी एवं संसदीय कार्य और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग दिए गए हैं। इन विभागों के जरिए वन प्रबंधन के साथ-साथ स्वास्थ्य और विधायी कार्यों की जिम्मेदारी भी उनके पास रहती है।
रेखा आर्य के पास महिला, खाद्य और खेल विभाग
रेखा आर्य के पास महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, खेल और युवा कल्याण विभाग हैं। ये सभी विभाग सीधे समाज और युवाओं से जुड़े हैं, जिससे उनकी भूमिका सामाजिक योजनाओं में अहम रहती है।
सौरभ बहुगुणा के पास पशुपालन और कौशल विकास
सौरभ बहुगुणा को पशुपालन, दुग्ध विकास, मत्स्य पालन और गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग दिए गए हैं। इसके अलावा प्रोटोकॉल और कौशल विकास एवं सेवायोजन भी उनके पास है, जो रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े हैं।




