उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र सोमवार सुबह राज्यपाल रि. लेफ्टिनेंट गुरमीत सिंह के अभिभाषण के साथ 11 बजे शुरू हुआ। इस दौरान सदन के अंदर और बाहर भारी हंगामा देखने को मिला ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में 9 मार्च 2026 से शुरू हो रहे इस दो दिवसीय सत्र में राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी।
सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्षी विधायकों ने सदन के बाहर सीढ़ियों पर बैठकर धरना दिया और सरकार पर पहले ही दिन बजट पेश कर सवालों से बचने का आरोप लगाया। इस दौरान उनके साथ अनुपमा रावत, विधायक, हरिद्वार ग्रामीण, भुवन कापड़ी, विधायक, खटीमा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य दिखे।
इस बीच कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने प्रदर्शन कर रहे विपक्ष के विधायकों से अपील की है कि इस बार सत्र को चलने दिया जाए।
बजट सत्र दो दिनों तक चलेगा, जिसमें राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी। कार्यसूची के अनुसार, सत्र की शुरुआत दोपहर 2:00 बजे “वंदे मातरम्” के साथ होगी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण सदन में राज्यपाल रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के अभिभाषण को पढ़कर सुनाएंगी।
सत्र के दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी दोपहर 3:00 बजे वित्तीय वर्ष 2026-27 का आय-व्ययक (बजट) सदन के पटल पर पेश करेंगे।
बजट करीब 1.11 लाख करोड़ रुपए का हो सकता
अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार का बजट करीब 1.11 लाख करोड़ रुपए का हो सकता है, जो राज्य के विकास से जुड़े कई बड़े क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार इस सत्र के लिए अब तक 38 विधायकों की ओर से 531 प्रश्न विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हुए हैं। इन सवालों और विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सदन में चर्चा होने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि इस बार का बजट राज्य के ‘विजन 2050’ की रूपरेखा से भी जुड़ा माना जा रहा है। उत्तराखंड के 25 साल पूरे होने के बाद सरकार अगले 25 सालों के विकास को ध्यान में रखते हुए व्यापक योजना तैयार कर रही है।
इसमें पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऑर्गेनिक खेती, ग्रीन एनर्जी और ढांचागत विकास को प्रमुख फोकस क्षेत्र माना गया है। सरकार का कहना है कि बजट तैयार करने से पहले विभिन्न वर्गों और हितधारकों से सुझाव भी लिए गए हैं, ताकि विकास योजनाओं में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।




