भीषण सड़क हादसे में नैनीताल बैंक के रीजनल मैनेजर की मौत से पूरा गांव ग़मगीन..
नैनीताल / मुरादाबाद
सोमवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में नैनीताल बैंक के रीजनल मैनेजर दयाल सिंह रावत भी शामिल हैं। हादसे की खबर सामने आते ही उनके पैतृक गांव और परिचितों में गहरा शोक फैल गया है।
पुलिस के अनुसार यह हादसा सोमवार सुबह करीब 6 बजे दिल्ली लखनऊ नेशनल हाईवे पर मुंडा पांडे मुरादाबाद थाना क्षेत्र के मनकरा मोड़ के पास हुआ। रामपुर की दिशा से आ रही एक कार अचानक आगे चल रही ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को कार से बाहर निकाला। सभी को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल एक युवक ने बाद में जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। कार चालक गंभीर रूप से घायल है।
हल्द्वानी से दिल्ली जा रहे थे सभी
पुलिस के मुताबिक कार सवार सभी लोग हलद्वनी से दिल्ली जा रहे थे। मृतकों में तलिताल नैनीताल निवासी बैंक मैनेजर दयाल सिंह रावत, टनकपुर के खालखेड़ा निवासी सुंदर सिंह और सोमेश्वर अल्मोड़ा के भंवरी निवासी भुवन सिंह भंडारी की पहचान हो चुकी है। चौथे मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
हादसे में घायल कार चालक की पहचान यशदीप पांडे निवासी दयाल विहार हल्द्वानी के रूप में हुई है। चालक के अनुसार कार हल्द्वानी से दिल्ली के लिए बुक की गई थी।
मेहनत के दम पर तय किया मैनेजर तक का सफर
हादसे में जान गंवाने वाले दयाल रावत सरियाताल ज्योलिकोट के निवासी थे। साधारण किसान स्व. कुंवर सिंह के पुत्र दयाल रावत ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर बैंकिंग क्षेत्र में बड़ी पहचान बनाई और नैनीताल बैंक में रीजनल मैनेजर के पद तक पहुंचे।
बताया जा रहा है कि रविवार को वे गांव में एक नामकरण संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे। सोमवार सुबह उनकी मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
ग्राम प्रधान हरगोविंद रावत ने बताया कि दयाल रावत का पार्थिव शरीर देर रात तक उनके पैतृक गांव सरियाताल पहुंचने की उम्मीद है। मंगलवार को चित्राशिला घाट में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
स्व. रावत अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और एक पुत्री का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके असमय निधन से पूरे क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल है।




