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हल्द्वानी (कुमाऊं)।
हल्द्वानी में बढ़ती डग्गामारी और अवैध परिवहन संचालन के खिलाफ रोडवेज कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया है। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा, कुमाऊं क्षेत्र के तत्वावधान में मंगलवार को विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और संभागीय परिवहन अधिकारी (RTO) तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) के माध्यम से प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अवैध परिवहन गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
इस दौरान संयुक्त परिषद, रोडवेज कर्मचारी यूनियन, एम्पलाइज यूनियन, भारतीय मजदूर संघ और एससी-एसटी श्रमिक संगठन से जुड़े कर्मचारियों ने एकजुट होकर कहा कि हल्द्वानी बस अड्डे और आसपास के क्षेत्रों में अवैध बसों, टैक्सियों और प्राइवेट वाहनों का अनियंत्रित संचालन रोडवेज को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
ज्ञापन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
कर्मचारी संगठनों ने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख रूप ससे अवैध अंतरराज्यीय बसों पर रोक
नगर में ऑनलाइन संचालित हो रही कई अवैध अंतरराज्यीय बसें सड़क किनारे यात्रियों को बैठाकर संचालित हो रही हैं। कर्मचारियों ने ऐसी बसों के संचालन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
टैक्सी संचालन को नियमबद्ध करने की मांग
संगठनों ने कहा कि टैक्सियों का संचालन केवल भोटिया पड़ाव टैक्सी स्टैंड से ही सुनिश्चित किया जाए और बस अड्डे के आसपास टैक्सियों के अवैध जमावड़े पर रोक लगाई जाए।
प्राइवेट वाहनों के अवैध संचालन पर कार्रवाई
बस अड्डे के सामने सड़क पर खड़े होकर यात्रियों को बैठाने वाले प्राइवेट वाहनों के संचालन को पूरी तरह बंद करने की मांग भी कर्मचारियों ने उठाई, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रह सके।
प्रशासन ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए संभागीय परिवहन अधिकारी और एसपी सिटी ने संगठन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि अवैध डग्गामारी और अनियमित परिवहन गतिविधियों के खिलाफ जल्द ही ठोस और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
26 मार्च तक का अल्टीमेटम
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 26 मार्च 2026 तक उनकी मांगों पर धरातल पर कार्रवाई नहीं हुई, तो कुमाऊं क्षेत्र के सभी कर्मचारी संगठन संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय के समक्ष उग्र धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस दौरान आन सिंह जीना, मुकेश वर्मा, कौशल जोशी, राजीव भट्ट, मोहन बोरा, रमेश कपिल, जीवन आर्य, महेश दफौटी, कमल पपने, शंकर सिंह, जगदीश कांडपाल, आनंद बिष्ट, नवनीत कपिल, पूरन राम, जगमोहन, ललित पांडे, मनिंदर सिंह, जीवन चंद, तारा जोशी, प्रमोद बरगली, मोहसिन, मनोज मनराल, कार्तिक, नवीन बिष्ट, योगेश जोशी, बलराम सागर, रौतेला, प्रकाश संभल, सुमित कुमार, हेमंत गढ़िया, संजय, संतोष, नवीन इटनी, रचना बिष्ट, हेम, गुणवंत, मोहित कुमार, आनंद बल्लभ, राहुल रावत सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।




