देहरादून।
चारधाम यात्रा के दौरान मंदिरों की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने के लिए उत्तराखंड सरकार ने अहम और दूरदर्शी निर्णय लिया है। इस वर्ष बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन व कैमरा ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। रील-वीडियो और ब्लॉगिंग के चलते बढ़ते विवादों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, जिससे श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और एकाग्रता के साथ दर्शन कर सकें।
शनिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कहां-कहां रहेगा प्रतिबंध
बदरीनाथ : सिंहद्वार से आगे मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित।
केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री : मंदिर परिसरों में मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे।
बीकेटीसी व जिला प्रशासन धामों से पहले मोबाइल सुरक्षित रखने की व्यवस्था करेंगे।
यात्रा तैयारियों पर सख्ती
फरवरी तक सभी जिलों को धनराशि जारी; 3 दिन में आवश्यक कार्यों की सूची, 1 सप्ताह में टेंडर फास्ट ट्रैक पर काम।
31 मार्च तक यात्रा मार्गों की सड़कें दुरुस्त (NH, NHIDCL, लोनिवि, BRO)।
बीएसएनएल को बेहतर संचार व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश।
स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों की 15-15 दिन रोटेशन ड्यूटी, विशेषज्ञों की तैनाती और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था।
प्रशासन का संदेश स्पष्ट है।आस्था स्थलों की गरिमा सर्वोपरि है। यह फैसला श्रद्धा और व्यवस्था के बीच संतुलन बनाते हुए चारधाम यात्रा को अनुशासित और सुरक्षित बनाएगा।
