जिलाधिकारी के निर्देशों का बड़ा असर: जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया में ऐतिहासिक सुधार, अधिकांश आवेदन समय पर निस्तारित
नैनीताल जिले में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी हो गई है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के स्पष्ट और कड़े निर्देशों के बाद प्रशासनिक मशीनरी में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। जनता से जुड़े सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की उनकी पहल अब जमीन पर असर दिखा रही है।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत मिलने वाले आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में पंचायतीराज विभाग ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्रों के निर्गमन में रिकॉर्ड गति दर्ज की है।
जिला पंचायती राज अधिकारी सुरेश बेनी के अनुसार, विभाग ने प्रमाण पत्र निर्गत करने को शीर्ष प्राथमिकता बनाते हुए लंबित प्रकरणों के समाधान में ऐतिहासिक तेजी लाई है।
नवंबर से 29 नवंबर 2025 तक का रिकॉर्ड
जन्म प्रमाण पत्र
प्राप्त आवेदन – 340
निर्गत प्रमाण पत्र – 431
लंबित: केवल 8
मृत्यु प्रमाण पत्र
प्राप्त आवेदन – 297
निर्गत प्रमाण पत्र (पूर्व लंबित सहित): 328
यह आंकड़े खुद साफ बताते हैं कि विभाग ने सिर्फ नए आवेदन ही नहीं, बल्कि पुराने लंबित प्रकरणों का भी तेजी से निस्तारण किया है।
1 अप्रैल 2025 से 31 अक्टूबर 2025 तक
जन्म प्रमाण पत्र के कुल आवेदन – 5523
सभी आवेदनों का 100% निस्तारण
मृत्यु प्रमाण पत्र के आवेदन – 2775
निर्गत प्रमाण पत्र 2329
जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन की कार्यशैली में आए इस बदलाव को जनता के लिए एक बड़ा राहत कदम माना जा रहा है।




