हल्द्वानी : जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को एडीबी वित्त पोषित हल्द्वानी विकास परियोजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शहर में चल रहे सभी निर्माण कार्यों से जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए अब “ट्रिपल एम” यानी मशीन, मटेरियल और मैनपावर की क्षमता दोगुनी की जाए ताकि विकास की रफ्तार तेज हो और परिणाम ज़मीन पर दिखें।
डीएम रयाल ने चेतावनी दी कि किसी भी सड़क को लंबे समय तक खुदा हुआ न छोड़ा जाए, मरम्मत का कार्य तुरंत कराया जाए। उन्होंने कहा कि “जनता की सुविधा में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए, काम योजनाबद्ध और समयबद्ध तरीके से पूरे हों।”
उन्होंने नगर में पहले से तय किए गए सड़क और चौराहा चौड़ीकरण के चिह्नीकरण के अनुसार ही अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। साथ ही, देवखड़ी नाले से मलबा हटाने और अतिक्रमण मुक्त करने के लिए वन विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि अगर किसी विभाग को काम में कोई दिक्कत आती है तो वह तुरंत उन्हें या अपर जिलाधिकारी को अवगत कराए, ताकि समस्या का समाधान शीघ्र हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि **कार्य में लापरवाही या धीमी प्रगति पाए जाने पर संबंधित अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में यूयूएसडीए के परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत अब तक 740 किलोमीटर में से 346 किलोमीटर पेयजल लाइन, 122 किलोमीटर में से 54 किलोमीटर सीवरेज लाइन, और 108 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य फरवरी 2026 तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इसके अलावा 6 ओवरहेड टैंक और 6 ट्यूबवेल बन चुके हैं, जबकि एसटीपी का लगभग 20% कार्य संपन्न हो गया है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक राय, शैलेंद्र नेगी, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, उप जिलाधिकारी राहुल शाह सहित यूयूएसडीए, लोक निर्माण, पेयजल, जल संस्थान और विद्युत विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम रयाल ने स्पष्ट कहा कि “विकास कार्यों की गति दोगुनी करें, लेकिन जनता को परेशानी शून्य होनी चाहिए।”
