उत्तराखण्ड में नैनीताल के ओखलकांडा, धारी और रामगढ़ क्षेत्र के कई गांवों में भीषण ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचा दी है। यहां किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है, इससे आलू, मटर, सेब, नाशपाती, प्लम, आड़ू और नाशपाती, चुस्किया जैसी फल फूल बुरी तरह से बर्बाद हो गई हैं।
आपदा पहाड़ की रीढ़ कहे जाने वाले किसानों के लिए अब गहरा संकट पैदा हो गया है। अब उनके सामने आजीविका और भविष्य दोनों पर खतरा मंडरा रहा है। काश्तकार चंदन नयाल ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित किसानों का तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा जल्द से जल्द दिया जाए, ताकि उन्हें इस मुश्किल घड़ी में राहत मिल सके।



