हल्द्वानी –
जमरानी बहुद्देशीय परियोजना में एक अहम कामयाबी हासिल हुई है। परियोजना के तहत डायवर्जन टनल-2 (8.10 मीटर व्यास) की 600 मीटर लंबी खुदाई कामयाबी के साथ मुकम्मल कर ली गई है। यह काम फरवरी 2025 में शुरू हुआ था और मुश्किल भू-वैज्ञानिक हालात (सख्त ज़मीन, चट्टानी परतें) के बावजूद तय मानकों और सेफ्टी गाइडलाइंस के तहत बेहद कम वक्त में पूरा किया गया।
टनल निर्माण के दौरान इंजीनियरों और टीम को कई तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन बेहतरीन प्लानिंग, तजुर्बे और तालमेल से इस पड़ाव को बखूबी हासिल किया गया। यह काम सिर्फ एक इंजीनियरिंग उपलब्धि नहीं, बल्कि हौसले की मिसाल भी है।
तेजी से आगे बढ़ता काम
इस कामयाबी के साथ ही अब परियोजना के अगले चरण टनल लाइनिंग और अन्य ढांचागत (structural) कार्य का रास्ता साफ हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक ये काम भी तेज़ रफ्तार से जारी है, जिससे पूरी परियोजना समय पर पूरी होने की उम्मीद और मजबूत हुई है।
हर बूंद में विकास, हर कदम में राहत”
इस परियोजना के पूरा होने पर,,सिंचाई सुविधाओं में बेहतरी आएगी,,पेयजल आपूर्ति मजबूत होगी, क्षेत्र में विकास और रोजगार के नए दरवाज़े खुलेंगे।
जमरानी परियोजना को हल्द्वानी और आसपास के इलाकों के लिए गेम चेंजर माना जा रहा है, जो आने वाले वक्त में पानी और तरक्की दोनों का सहारा बनेगी।
शानदार टीमवर्क
इस अहम मौके पर परियोजना से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर मौजूद रहे, जिनमें
एम. के. खरे (महाप्रबंधक), बी. बी. पाण्डे, ललित बिष्ट (उप महाप्रबंधक),
अजय पंत, योगेश काण्डपाल, उमेश अग्रवाल (परियोजना प्रबंधक)
और Afcons Infrastructure Ltd की टीम सहित पीआईयू जमरानी साइट का पूरा स्टाफ शामिल रहा।




