देहरादून में उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को लेकर जारी आन्दोलन को आज प्रमुख राज्य आन्दोलनकारी व उत्तराखण्ड सरकार के पूर्व दर्जा राज्यमंत्री हरीश पनेरु ने खुला समर्थन दिया। आन्दोलन स्थल पर पहुँचकर उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित किया और वर्तमान सरकार पर तीखा प्रहार किया।
पनेरु ने कहा कि पिछले 10–15 वर्षों से हजारों उपनल कर्मचारी विभिन्न विभागों में न्यूनतम वेतन पर सेवा दे रहे हैं। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियमितीकरण को लेकर एक वर्ष पूर्व दिये गए आदेश के बावजूद सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर कर कर्मचारियों के घाव पर नमक छिड़कने का काम किया। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी, फिर भी सरकार कर्मचारियों को नियमित करने से बच रही है, जबकि दूसरी ओर विधायकों का वेतन चार लाख से ऊपर कर दिया गया, और भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने समय रहते निर्णय नहीं लिया तो वह राज्य आन्दोलनकारी के रूप में उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए जान की बाज़ी लगाने को भी तैयार हैं। पनेरु ने कहा कि एक व्यक्ति के अच्छे रोजगार से पूरा परिवार खुशहाल होता है, परंतु वर्तमान सरकार हजारों परिवारों की खुशियाँ छीन रही है, जो बिल्कुल अनुचित है।




