हल्द्वानी। पनियाली–फतेहपुर रेंज में दहशत का पर्याय बने आदमखोर बाघ को आखिरकार वन विभाग ने संयुक्त अभियान में ट्रेंकुलाइज कर पकड़ लिया। 3 मार्च की रात चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम ने बंद वाहनों से निगरानी के दौरान बाघ को पिंजरे के पास आते ही बेहोश कर सुरक्षित कब्जे में लिया।
यह कार्रवाई कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी दुष्यंत शर्मा के नेतृत्व में की गई। डीएफओ ध्रुव सिंह मार्तोलिया ने पुष्टि की कि करीब साढ़े तीन वर्ष का नर बाघ पनियाली क्षेत्र से ट्रेंकुलाइज कर ढेला रेंज भेजा गया है। जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा कि पकड़ा गया बाघ ही मानव-हमलों के लिए जिम्मेदार था या नहीं।
गौरतलब है कि पिछले 15 दिनों में दो महिलाओं की जान जाने के बाद क्षेत्र में भय का माहौल था। 12 फरवरी को पीपलपोखरा में गंगा देवी और 25 फरवरी को पनियाली में कमला फर्त्याल पर हमले के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद वन विभाग ने दो चिकित्सकीय टीमों और पिंजरों के साथ सघन अभियान शुरू किया।
बाघ के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, हालांकि वन विभाग ने सतर्कता बरतने और अकेले जंगल की ओर न जाने की अपील की है।




