हल्द्वानी । रविवार को उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में राज्य के शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कई विकास कार्यों का शुभारंभ और लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा और कौशल विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता फिर से व्यक्त की।
मंत्री डॉ. रावत ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि माध्यमिक शिक्षा स्तर पर सफल रहे कौशल विकास कार्यक्रमों को अब विश्वविद्यालय स्तर पर भी लागू किया जाएगा।

उन्होंने उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्था 2027 तक NAAC से A++ ग्रेड प्राप्त करेगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घोषणा की कि राज्य के सभी 13 जनपदों में अध्ययन केंद्रों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, साथ ही देहरादून में विश्वविद्यालय को अतिरिक्त भूमि भी दी जाएगी।

इसके अतिरिक्त, मंत्री ने कई विकास योजनाओं का भी ऐलान किया, जिनमें शामिल हैं: ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण, ऑडिटोरियम का साउंडप्रूफिंग, संस्कृति अकादमी में विश्वविद्यालय के लिए स्थान उपलब्ध कराना, और अर्धसैनिक बलों, सैनिकों एवं पुलिस कर्मियों के लिए उच्च शिक्षा हेतु विभागों के साथ एमओयू का सुझाव।
उन्होंने यह भी बताया कि अब तक राज्य सरकार द्वारा विश्वविद्यालय को ₹116 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य के विश्वविद्यालयों के बीच शिक्षकों का पारस्परिक सहयोग और अदला-बदली कार्यक्रम शुरू किया जाए, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और अनुसंधान को बढ़ावा मिल सके।
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद अजय भट्ट ने भी विश्वविद्यालय की प्रगति की प्रशंसा की और विश्वास व्यक्त किया कि यह संस्था उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेगी।
कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया, साथ ही कहा कि विश्वविद्यालय राज्य के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के प्रयास में लगा है।
कार्यक्रम में दर्जा राज्यमंत्री अनिल डब्बू, सुरेश भट्ट, शंकर कोरंगा, दिनेश आर्य, बी.जे.पी. प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, प्रोफेसरगण और विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
