उत्तराखण्ड के भीमताल में पहली बार एक महिला अपनी नाव से पर्यटकों को घुमाने का काम कर रही है। पर्यटक भी उनके साथ घूमने पसंद कर रहे हैं।
आपने, महिलाओं को टैक्सी, टैम्पो, रिक्शा, बस कंडक्टर आदि जिम्मेदारियों को संभालते तो देखा ही होगा। यूं तो महिलाएं शौकिया नाव चलाती हैं, लेकिन अब आत्मनिर्भर बनने की राह पर भीमताल की ये महिला नाविक बन पर्यटकों को चप्पू वाली नाव से घुमा रही है। अब ये महिला पर्यटकों को नाव से झील की सैर कराएगी और उन्हें भीमताल से जुड़ी कहानियां सुनकर अनसुने राज बताएगी।
गीता बिष्ट नामक इस अधेड़ उम्र की महिला ने अपने परिवार को सहारा देने के लिए नौकायन को स्वरोजगार के रूप में चुना। वो प्रतिदिन अपने परिवार को भोजन कराकर भीमताल झील में पहुंच जाती है और नाव लेकर पर्यटक घूमाने का नंबर आने का इंतजार करती हैं। उनकी नाव में भीमताल झील का चक्कर लगाने के बाद पर्यटक विनोद सिरोही भी बेहद खुश नजर आए। वो कहते हैं कि ऊत्तराखण्ड की ये महिला बेहद हिम्मती और जुगारु है। यहाँ कई पुरुष गलत कामों में लगे रहते हैं, जबकी महिलाएं चुनौतीपूर्ण काम कर आजीविका कमा रही हैं। कहा कि गीता ने उन्हें बहुत अच्छी तरह से घुमाया है।
