उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा कांड के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक सहित अन्य लोगो की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट की खण्डपीठ ने मामले में शामिल अबु तस्लीम और वसीम की जमानत मंजूर कर दी है। आज हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकास गुगलानी ने कोर्ट को अवगत कराया कि अबु तस्लीम व वसीम का नाम न तो प्राथमिकी मे है न ही वह घटना में शामिल हैं। संदेह के आधार पर उन्हें बेवजह गिरफ्तार किया गया। घटना के समय वे वहां नही थे। उनको इस मामले में फंसाया जा रहा है। इसलिए उन्हें प्राथमिकता की तौर पर रिहा किया जाय।
आपको बता दे कि अब्दुल मलिक सहित अन्य के खिलाफ बनभूलपुरा दंगे के समय चार मुकदमे दर्ज हुए थे। जिसमें से एक मामला ये भी था कि मलिक ने कूटरचित ,झूठे सपथपत्र के आधार पर राजकीय भूमि को हड़पने का कार्य किया।
यही नही उनके द्वारा नजूल भूमि पर कब्जा करके प्लॉटिंग, अवैध निर्माण करके उसे बेचा गया। जब जिला प्रसाशन इस अवैध अतिक्रमण को हटाने पहुँची तो उनपर पथराव किया गया। बाद में इसने दंगे का रूप ले लिया। इसी दंगे में सरकारी, पुलिस व अन्य लोग घायल हो गए कईयों की जान तक चली गयी। आरोपियो का कहना है कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। इसलिए उन्हें जमानत पर रिहा किया जाय। दंगे में शामिल कई लोगो को पूर्व में कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।




