भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने पतंजलि के देश के पहले हाइब्रिड हॉस्पिटल का उद्घाटन किया, जहां योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और आधुनिक एलोपैथी को एक ही छत के नीचे एकीकृत किया गया है।
उद्घाटन के बाद अस्पताल का निरीक्षण करते हुए अमित शाह ने इस पहल की सराहना की और कहा कि “भारत अब शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में विश्व का मार्गदर्शक बनने की ओर अग्रसर है।”
उन्होंने इसे ‘इंटीग्रेटेड हॉलिस्टिक ट्रीटमेंट’ के नए युग की शुरुआत बताया।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
250 बेड की क्षमता वाले इस अत्याधुनिक अस्पताल में
कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स और जनरल सर्जरी जैसे सुपर स्पेशियलिटी विभाग 24×7 सेवाएं प्रदान करेंगे।
अस्पताल में फिलिप्स अज़ुरियन जैसी हाई-एंड कैथ लैब,एमआरआई, सीटी स्कैन,
डायलिसिस और मॉडर्न लाइफ सपोर्ट सिस्टम जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।
पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि यह केंद्र उन जटिल परिस्थितियों में भी सक्षम होगा, जहां मरीज को तत्काल आधुनिक चिकित्सा हस्तक्षेप की आवश्यकता होती है।
गैर-जरूरी सर्जरी और दवाओं के खिलाफ स्पष्ट रुख
स्वामी रामदेव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पतंजलि
अनावश्यक दवाओं, ऑपरेशनों और मेडिकल टेस्ट्स का विरोध करता है।
उन्होंने कहा,“हमारा लक्ष्य 90 से 99 प्रतिशत रोगियों को योग, आयुर्वेद और सही आहार पद्धति से ठीक करना है। सर्जरी या स्टेंट का सहारा केवल अत्यंत गंभीर स्थिति में ही लिया जाएगा।
स्वामी रामदेव ने दावा किया कि
ईएमआर डेटा और क्लिनिकल एविडेंस के आधार पर
बीपी, डायबिटीज और लिवर सिरोसिस जैसी बीमारियों को रिवर्स करने में पतंजलि को सफलता मिली है।
वैश्विक शोध का नया केंद्र बनेगा अस्पताल
पतंजलि वर्तमान में दिल्ली और ऋषिकेश एम्स सहित दुनिया के 25 बड़े चिकित्सा संस्थानों के साथ मिलकर शोध कर रहा है।
500 वैज्ञानिकों की टीम साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में जुटी है।
इस अस्पताल के माध्यम से
गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को कम लागत में विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
भारत को बनाएगा ‘हेल्थ डेस्टिनेशन’
यह हाइब्रिड हॉस्पिटल न केवल बीमारियों का इलाज करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक हेल्थ डेस्टिनेशन बनाने के संकल्पको भी मजबूती देगा।
