हल्द्वानी। उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तरांचल सिरीज़ ने एक बार फिर सराहनीय पहल की है। लगभग 20 वर्ष पूर्व सुपरहिट गीत “मेरी आमा हरैगे” के बाद अब उत्तरांचल सिरीज़ के यूट्यूब चैनल पर बच्चों का एक नया और मनमोहक गीत “मधु मधु ओ मधुली” (Madhu Madhu O Madhuli) रिलीज किया गया है, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है।

इस गीत में हल्द्वानी के कुछ प्रतिष्ठित स्कूलों के होनहार बच्चों ने अभिनय किया है। गीत को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया से बच्चे खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं। गीत की मूल रचना प्रसिद्ध लोकगायक मनोहर आर्या द्वारा की गई है, जबकि इसे उनके सुपुत्र मास्टर सागर ने उत्तरांचल सिरीज़ के बैनर तले अपनी आवाज दी है। गीत के वीडियो का निर्देशन श्री कैलाश कोहली ने किया है।
गीत के स्थायी बोल “मधु-मधु है रै सारै पहाड़ा, हिट मधु न्है जानू मिलम जोहारा” हैं। ये बोल पहले भी अन्य गायकों द्वारा गाए गए हैं, लेकिन इस प्रस्तुति में पूरे गीत के बोल बेहद आकर्षक और मधुर हैं, जो श्रोताओं को पहाड़ की लोकभावना से जोड़ते हैं।
उत्तरांचल सिरीज़ का यह प्रयास न केवल उत्तराखंड की संस्कृति को बढ़ावा देता है, बल्कि बच्चों में अपनी भाषा और परंपराओं के प्रति लगाव बनाए रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद की जा रही है कि “मेरी आमा हरैगे” की तरह यह गीत भी दर्शकों का भरपूर स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त करेगा, जिससे बच्चों का उत्साहवर्धन होने के साथ-साथ उत्तराखंड की लोकभाषा और संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी।मधु ओ मधुली” हुआ रिलीज
हल्द्वानी।
उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को नई पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तरांचल सिरीज़ ने एक बार फिर सराहनीय पहल की है। लगभग 20 वर्ष पूर्व सुपरहिट गीत “मेरी आमा हरैगे” के बाद अब उत्तरांचल सिरीज़ के यूट्यूब चैनल पर बच्चों का एक नया और मनमोहक गीत “मधु मधु ओ मधुली” रिलीज किया गया है, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है।
इस गीत में हल्द्वानी के कुछ प्रतिष्ठित स्कूलों के होनहार बच्चों ने अभिनय किया है। गीत को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया से बच्चे खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं। गीत की मूल रचना प्रसिद्ध लोकगायक मनोहर आर्या द्वारा की गई है, जबकि इसे उनके सुपुत्र मास्टर सागर ने उत्तरांचल सिरीज़ के बैनर तले अपनी आवाज दी है। गीत के वीडियो का निर्देशन श्री कैलाश कोहली ने किया है।
गीत के स्थायी बोल “मधु-मधु है रै सारै पहाड़ा, हिट मधु न्है जानू मिलम जोहारा” हैं। ये बोल पहले भी अन्य गायकों द्वारा गाए गए हैं, लेकिन इस प्रस्तुति में पूरे गीत के बोल बेहद आकर्षक और मधुर हैं, जो श्रोताओं को पहाड़ की लोकभावना से जोड़ते हैं।
उत्तरांचल सिरीज़ का यह प्रयास न केवल उत्तराखंड की संस्कृति को बढ़ावा देता है, बल्कि बच्चों में अपनी भाषा और परंपराओं के प्रति लगाव बनाए रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। उम्मीद की जा रही है कि “मेरी आमा हरैगे” की तरह यह गीत भी दर्शकों का भरपूर स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त करेगा, जिससे बच्चों का उत्साहवर्धन होने के साथ-साथ उत्तराखंड की लोकभाषा और संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी।
